लेखनी कहानी -28-Sep-2023
शीर्षक = ईद मिलाद उन्नबी
रमजान, ईद उल फ़ित्र, ईद उल अजहा की तरह ही ईद मिलाद उन नबी भी मुस्लिम समुदाय के मुख्य त्योहारों में से एक है। ये त्यौहार इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने में जिसे Rabi ul Awal के नाम से जानते है कि 12 तारीख़ ( चाँद की ) को मनाया जाता है।
इस दिन की खास बात ये है कि इस दिन पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्म लगभग 570 ई में अरब के शहर मक्का में हुआ था और आज ही के दिन आज की ही तारीख़ पर वो दुनिया से पर्दा फरमा गए थे।
ईद मिलाद उन्नबी से हमारी भी बहुत सी यादें जुडी हुई है, क्यूंकि हम भी ज़ब छोटे थे मदरसे पढ़ने जाया करते थे तब हम भी मदरसे के जुलूस में शामिल हुआ करते थे, हाथों में झंडा लिए नाते पढ़ते हुए जुलूस का हिस्सा बना करते थे लेकिन उससे पहले हम अपने पापा के कांधे पर बैठ कर जुलूस देखने जाया करते थे वो दिन हमारी जिंदगी के सबसे प्यारे और खूबसूरत दिन थे ज़ब हमारे पापा इस दुनिया में थे और हमें अपने कांधो पर बैठा कर तो कभी ऊँगली पकड़ कर जुलूस के साथ ले जाया करते थे
सुबह से ही नहा धोकर कुरता पायजामा पहन कर जुलूस के आने का इंतज़ार करने लग जाते थे। नगर पालिका की जानिब से पानी की टंकी आती जिससे सारी सड़को को अच्छे से धोया जाता था उसी के साथ गलियों को भी दुल्हन की तरह सजाया जाता था हमारे शहर का जुलूस काफ़ी बड़ा होता था क्यूंकि आस पास के छोटे मोटे गांव के लोग भी उसी जुलूस का हिस्सा बनते थे।
जैसे जैसे जुलूस की आवाज़ हमारे कानो में आती जाती हमारा उत्साह बढ़ता जाता था और हम अपने पापा से जिद्द करते थे कि वो हमें लेकर जाए और फिर ज़ब जुलूस हमारे दरवाज़े पर आ जाता तब हम अपने पापा के कांधे पर बैठ कर उस जुलूस का हिस्सा बन जाते थे, बाकी सब घर वाले छत पर से देखते थे उस दौरान छते भी भरी रहती थी कभी कभार कोई हादसा भी पेश आ जाता था।
एक बार हमारे पापा काम के चलते ईद मिलाद पर घर नही आ पाए, वो हमारे घर से दूर रहते थे उस दिन का जुलूस हमने दरवाज़े से ही देखा था हमारा बड़ा भाई भी हमें नही लेकर गया क्यूंकि हम छोटे थे और वो अपने दोस्तों के साथ जा रहे थे, उस दिन हम अपने पापा से बहुत नाराज़ थे लेकिन आखिर कार शाम को ज़ब वो आये और हमें मनाया तब हम मान गए थे हर त्यौहार का अपना अलग ही मजा है।
समाप्त....
प्रतियोगिता हेतु
HARSHADA GOSAVI
30-Sep-2023 07:01 AM
Very nice
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Varsha_Upadhyay
29-Sep-2023 07:02 PM
Nice one
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Reena yadav
29-Sep-2023 11:43 AM
👍👍
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